हज़ारों ख़्वाहिशें ऐसी हज़ारों ख़्वाहिशें ऐसी कि हर ख़्वाहिश पे दम निकले बहुत निकले मिरे अरमान लेकिन फिर भी कम निकले Mirza Ghalib 5 ദിവസം മുൻപ് · 1 min read 7 0 0