Suryakant Tripathi Nirala

Suryakant Tripathi Nirala

Classic poet · Public-domain works
सूर्यकांत त्रिपाठी 'निराला' (1896–1961) · Nirala छायावाद के चार स्तंभों में से एक, हिंदी में मुक्त छंद के प्रवर्तक। 'राम की शक्ति पूजा', 'सरोज स्मृति', 'वह तोड़ती पत्थर' जैसी रचनाओं में ओज, करुणा और विद्रोह का अद्भुत संगम है।
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Poetry

वह तोड़ती पत्थर

वह तोड़ती पत्थर; देखा मैंने उसे इलाहाबाद के पथ पर— वह तोड़ती पत्थर। कोई न छायादार पेड़ वह जिसके तले बैठी हुई स्वीकार; श्याम तन, भर बँधा यौवन, नत नयन, प्रिय-कर्म-रत मन, गुरु हथौड़ा हाथ, करती बार-बार प्रहार:— सामने तरु-माल...

4 days ago · 1 min read 5 0 0