Muhammad Iqbal

Muhammad Iqbal

Classic poet · Public-domain works
अल्लामा मुहम्मद इक़बाल (1877–1938) · Muhammad Iqbal शायर-ए-मशरिक़ — उर्दू और फ़ारसी के महान कवि और दार्शनिक। 'सारे जहाँ से अच्छा हिन्दोस्ताँ हमारा' और 'लब पे आती है दुआ' जैसी अमर रचनाओं के रचयिता। 'बांग-ए-दरा' उनका प्रसिद्ध संग्रह है।
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Geet & Lyrics

सारे जहाँ से अच्छा

सारे जहाँ से अच्छा हिन्दोस्ताँ हमारा हम बुलबुलें हैं इस की ये गुलसिताँ हमारा ग़ुर्बत में हों अगर हम रहता है दिल वतन में समझो वहीं हमें भी दिल हो जहाँ हमारा पर्बत वो सब से ऊँचा हम-साया आसमाँ का वो संतरी हमारा वो पासबाँ हम...

4 days ago · 1 min read 6 0 0